सेल के संगठन, कार्य और कर्तव्यों का विवरण।

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सेल के संगठन, कार्य तथा कर्तव्यों का विवरण

ध्येय:- संगठन की परियोजनाओं और कार्यक्रमों का संयुक्त उद्देश्य-संगठन के समयबद्ध लक्ष्यों को सुदृढ़ करना।

अनुसंधान व विकास परियोजनाएं: गतिविधियों, संसाधनों, उत्तरदायित्वों के सम्बन्ध में पर्याप्त रूप से परिभाषित अनुसंधान एवं विकास योजनाएं तथा आरडीसीआईएस कर्मियों द्वारा कारखानों और/या आरडीसीआईएस प्रयोगशाला में टेक्नोलाॅजी सम्बन्धी आविष्कारों/ज्ञान के लिए समयबद्ध कार्य।

आरडीसीआईएस: लोहे तथा इस्पात के लिए अनुसंधान एवं विकास केन्द्र 
सेल: स्टील अथाॅरिटी आॅफ इण्डिया लिमिटेड
क्यूएमएस: गुणवत्ता प्रबन्धन प्रणाली

संगठन: 

आरडीसीआईएस सेल की एक अनुसंधान एवं विकास इकाई है इसे आईएसओ 9001ः2000 गुणवत्ता प्रबन्धन प्रणाली प्रमाणपत्र प्राप्त है। यह देश में लौह धातु कर्म के क्षेत्र में एक अग्रणी अनुसंधान संगठन है। आरडीसीआईएस सेल के कारखानों को तुरन्त, आविष्कारिक तथा कम लागत वाले अनुसंधान एवं विकास समाधान उपलब्ध कराता है, बेहतर प्रविधियों और उत्पादों का विकास तथा उनका वाणिज्यिक प्रसार करता है; तथा अपने मानव संसाधनों के कौशल व क्षमता का विकास करता है तथा इसको उत्कृष्टता का केन्द्र बनाने के लिए प्रयास करता है। आरडीसीआईएस के प्रमुख प्रयास लागत में कमी, गुणवत्ता में सुधार, सेल के उत्पादों का मूल्य संवर्धन तथा उपभोक्ताओं के पास सेल के उत्पादों के प्रयोग व इंजीनियरी समर्थन की दिशा में है। आरडीसीआईएस विभिन्न संगठनों को टेक्नोलाॅजी सेवाएं भी उपलब्ध करा रहा है।

आरडीसीआईएस के ध्येय के प्रमुख पक्ष हैं: 

  • मौलिकता को प्रोत्साहन, सृजनशीलता को बढ़ावा, तथा सावधानी से चुने गए अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों पर कार्य कर ज्ञान आधार का विस्तार,
  • टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने व बनाए रखने के लिए आरडीसीआईएस के मानव संसाधनों तथा सुविधाओं का विकास,
  • उपभोक्ता संतुष्टि, गुणवत्ता, उत्पादकता, लाभप्रदता तथा उत्पादों को बाजार में लोकप्रिय बनाने के लिए सेल के कारखानों द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहायता देना।

कार्य एवं कर्तव्य:

परियोजना प्रबन्धन 

सेल के कारखानों और यूनिटों को आरडीसीआईएस द्वारा उपलब्ध कराई जा रहीं सेवाएं, मुख्यतः अनुसंधान एवं विकास कार्यों के रूप में हैं। आरडीसीआईएस द्वारा कारखानों/यूनिटों तथा अपने यहां चलाई जा रहीं अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं का प्रभाव क्षेत्र इस प्रकार है: कारखाने का कार्यनिष्पादन एवं सुधार; जांच तथा परामर्शदात्री कार्य; मूल तथा वैज्ञानिक अनुसंधान; उपस्कर एवं उपकरण विकास। दृष्टिकोण तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्य स्पष्ट रूप से परिभाषित होते हैं। कारखाने और आरडीसीआईएस के बीच संयुक्त विचार-विमर्श के उपरान्त परियोजनाएं चुनी जाती हैं और समस्या का समाधान सुझाया जाता है। सेल के कारखाने तथा आरडीसीआईएस में सक्षम अधिकारी से परियोजना की स्वीकृति मिलने पर कार्य किया जाता है। विभिन्न स्तरों पर परियोजना की समीक्षा की जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर कार्य के दौराून भूल सुधार के लिए उपाय भी सुझाए जाते हैं। परियोजना के अन्त में आविष्कार में साझीदार उपभोक्ता की सहमति प्राप्त कर कार्य के परिणामों के दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। आविष्कार के कार्यान्वयन पर भी नजर रखी जाती है।

मानव संसाधन

आरडीसीआईएस ज्ञान पर आधारित एक संगठन है, अतः मानव संसाधन इसकी प्रमुख परिसम्पत्ति है। संगठन में पर्याप्त तथा उपयुक्त मानव संसाधन के विकास के लिए निरन्तर प्रयास किए जाते हैं। कर्मियों का चयन विशेषज्ञता, कौशल तथा अनुभव का ठीक मिश्रण के आधार पर किया जाता है।

प्रयोगशाला सुविधाएं

आरडीसीआईएस लोहे तथा इस्पात टेक्नोलाॅजी के सभी पक्षों के समाधान के लिए कार्य करता है अतः केन्द्र के पास कच्चे माल से लेकर तैयार माल के मूल्यांकन के लिए अति आधुनिक पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशाला है। केन्द्र अपनी सुविधाओं तथा आधारभूत सुविधाओं में सुधार के लिए निरन्तर प्रयास करता रहता है। इसका उद्देश्य अनुसंधान कार्यों में सदैव आगे बना रहना है।

टेक्नोलाॅजी का प्रसार

आरडीसीआईएस टेक्नोलाॅजी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। इनका उद्देश्य सेल के इंजीनियरों तथा टेक्नोलाॅजीविदों के ज्ञान व क्षमता में वृद्धि करना है। ये कार्यक्रम विशेष रूप से कारखानों में कार्य करने वालों के लिए होते हैं और इनमें उन्हें टेक्नोलाॅजी संबध्ंाी समस्याओं का समाधान खोजने, समस्याओं का विश्लेषण व समाधान करने का कौशल सिखाया जाता है। इन कार्यक्रमों में इस्पात कारखानों के विभिन्न टेक्नोलाॅजी क्षेत्रों में अनेक विषयों पर विचार होता है। 

उत्पाद विकास

आरडीसीआईएस के कार्यक्षेत्र का एक प्रमुख क्षेत्र विशेष गुणवत्ता वाले नए उत्पादों का विकास है। ये उत्पाद सेल के कारखानों में वर्तमान सुविधाओं से विकसित किए जाते हैं तथा बाद में उनके उपयोग को बिक्री प्रयासों से वाणिज्यिक आधार प्रदान किया जाता है। उत्पाद विकास पर जोर देने से कम्पनी बाजार में अपनी पकड़ तथा अपना अंश बढ़ाने में सफल होती है। 

टेक्नोलाॅजी विपणन 

आरडीसीआईएस अपने यहां विकसित तकनीकी ज्ञान का हस्तांतरण कर विभिन्न संगठनों को टेक्नोलाॅजी सेवाएं भी दे रहा है। ये सेवाएं परामर्शदात्री सेवाओं, विशेषता-प्राप्त परीक्षण सेवाओं तथा ठेके पर अनुसंधान कार्य के रूप में होती हैं। इससे केन्द्र की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ-साथ केन्द्र को बाहरी óोतों से आमदनी भी होती है। 

बौद्धिक पूंजी

वर्तमान प्रतियोगी वातावरण में अनुसंधान एवं विकास प्रयासों से प्राप्त परिणामों को सुरक्षित रखना अनिवार्य हो गया है। आरडीसीआईएस यह बौद्धिक सम्पदा अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत पेटेंट तथा काॅपीराइट दर्ज करा कर करती है। केन्द्र में बौद्धिक पूंजी आधार के प्रसार को सदैव प्रोत्साहित किया गया है। 

आसपास के क्षेत्रों का विकास

आरडीसीआईएस समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की सहायता करना अपना निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व मानता है। यह अपने चारों ओर के निकट क्षेत्रों के लिए योजना बनाता व उन पर कार्य करता हैं इनसे बच्चों, महिलाओं, शारीरिक तौर पर विकलांग व पिछड़े लोगों को लाभ मिल रहा है।

अन्य दस्तावेजों संबंधी संदर्भ

क्र.सं. दस्तावेज विवरण
1. आरडीसीआईएस, सेल का वार्षिक प्रतिवेदन
2. आरडीसीआईएस, सेल का गुणवत्ता मेनुअल