परिवार कल्याण

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सेल 1995 से राष्ट्रीय प्रजनन और बाल स्वस्थ्य चिकित्सा कार्यक्रम (आरसीएच) में बढ़-चढ़ कर भाग ले रहा है। सेल के अस्पतालों ने भी राष्ट्रीय आरसीएच कार्यक्रम में भाग लिया है। सेल राष्ट्रीय क्षय रोग, मलेरिया, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम आदि जैसे अन्य राष्ट्रीय स्वस्थ्य कार्यक्रमों में भी भाग लेता है। देश भर में सेल के 20 अस्पताल हैं, जिनमें से 4 अति आधुनिक हैं। अस्पतालों में कर्मचारियों और उनके आश्रितों तथा आस-पास रहने वाली जनता के लिए लगभग 4000 बिस्तर हैं। अस्पतालों का संचालन लगभग 4000 प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारी कर रहे हैं। प्रजनन और बाल स्वस्थ्य चिकित्सा के अंतर्गत विभिन्न कल्याण गतिविधियां इस प्रकार हैं :

सेल के कारखानों में परिवार कल्याण (आरसीएच) गतिविधियां
वर्ष परिवार नियोजन क्षेत्र में उपलब्धियां
महिला आपरेशनों की संख्या पुरुष आपरेशनों की संख्या जन्मे शिशुओं की संख्या गर्भ निरोधक दवाईयों की संख्या
2001-02 11,410 305 11,713 1,32,011
2002-03 11,077 478 10,931 1,12,883
2003-04 9,953 394 11,965 1,10,866
2004-05 10,894 508 11,600 1,44,470
2005-06 12,643 1,610 10,097 1,04,453
2006-07 (H1) 1,381 120 5,086 49,467
 

सेल ने सरकार के छोटा परिवार आदर्शों को प्रोत्साहन दिया है। वर्ष 1994 से छोटे परिवार को बढ़ावा देने के लिए योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं द्वारा आपरेशन कराने पर 400 रुपए और पुरुष द्वारा आपरेशन कराने पर 500 रुपए का प्रोत्साहन दिया जाता है। इसके अलावा परिवार नियोजन के लिए प्रोत्साहित करने वालों को प्रत्येक मामले में 50-50 रुपए दिये जाते हैं। ये प्रोत्साहन कर्मचारियों और गैर-कर्मचारियों को दिये जा रहे हैं तथा सरकार द्वारा दिये जा रहे प्रोत्साहनों के अतिरिक्त हैं। इसके अतिरिक्त 2 और 2 से कम बच्चों वाले कर्मचारियों के लिए एक योजना चलाई जा रही है जिसके अंतर्गत कर्मचारी (अथवा उसके पति/पत्नी) को गर्भ निरोधक आपरेशन करवाने के लिए 2000 रुपए दिये जाते हैं।

सभी कारखानों/यूनिटों के अस्पतालों में क्षय रोग, कुष्ठ रोग उन्मूलन आदि जैसे विभिन्न स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों आदि में क्षय और कुष्ठ रोग के इलाज के लिए डॉट और एमडीटी दवाइयाँ नि:शुल्क दी जा रही हैं। सेल ने स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की भागीदारी में एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान भी चलाया है। अब तक राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के इस अभियान के लिए सभी कारखानों/यूनिटों को 3 करोड़ 20 लाख रुपए मिल चुके हैं। सूचना, शिक्षा और संचार के इस अभियान से अब तक 1 लाख 10 हज़ार कर्मचारियों और 6 लाख गैर-कर्मचारियों को लाभ मिला है। सेल ने 111 स्कूलों, 3000 अध्यापकों और 35000 छात्रों के लिए स्कूल एड्स शिक्षा कार्यक्रम चलाया है।