
डॉ. अशोक कुमार पंडा
डॉ. अशोक कुमार पंडा एक तकनीकी एवं वित्त विशेषज्ञ (Technocrat-cum-Finance Expert) हैं, जिन्हें उनकी गहन तकनीकी जानकारी और विषयगत विशेषज्ञता के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.ई. करने के बाद उन्होंने वर्ष 1992 में सेल में मैनेजमेंट ट्रेनी (तकनीकी) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। ज्ञान को निरंतर बढ़ाने की अपनी जिज्ञासा को बनाए रखते हुए उन्होंने फुल-टाइम पीजीडीएम (PGDM) पूरा किया और बाद में बिजनेस मैनेजमेंट में पीएच.डी. की उपाधि भी प्राप्त की।
डॉ. पंडा को सेल के विभिन्न संयंत्रों एवं इकाइयों में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है। एक प्रौद्योगिकी-आधारित कंपनी में कार्य करते हुए उन्होंने रणनीतिक योजना एवं नीति निर्माण, उत्पादन, परियोजना मूल्यांकन एवं निष्पादन, विपणन एवं विक्रय, खरीद, EBITDA सुधार, लागत एवं बजट प्रबंधन, ट्रेजरी प्रबंधन, कराधान आदि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सेल के सीएमडी का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, वे निदेशक (वित्त) के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से प्रचालन दक्षता में सुधार, उत्पाद बास्केट के संवर्धन द्वारा उत्पादन बढ़ाने तथा प्रचालन, विक्रय एवं विपणन, मानव संसाधन, वित्त आदि क्षेत्रों में प्रमुख नीतियों एवं प्रक्रियाओं के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने लगभग 9 महीनों तक निदेशक (वाणिज्यिक) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला, जहाँ उन्होंने प्रचालन को विपणन एवं वित्तीय उद्देश्यों के साथ जोड़ते हुए विक्रय बढ़ाने, इन्वेंट्री कम करने, ब्रांडिंग एवं विज्ञापन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। डॉ. पंडा वर्तमान में सेल और अन्य कंपनियों के संयुक्त उपक्रम ICVL के बोर्ड में नामित निदेशक (Nominee Director) के रूप में भी कार्यरत हैं तथा अन्य केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSEs) में भी नामित निदेशक रह चुके हैं।
पूर्णतः जन-केंद्रित व्यक्तित्व वाले डॉ. पंडा ने अपने पूरे करियर में उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है। उन्होंने जहाँ भी और जिस स्तर पर कार्य किया, वहाँ कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। एक स्व-प्रेरित नेता के रूप में उन्होंने सबसे चुनौतीपूर्ण एवं दबावपूर्ण परिस्थितियों में भी असाधारण संयम और स्पष्ट सोच का परिचय दिया है। उनमें गहरी अवलोकन क्षमता, मजबूत विश्लेषणात्मक कौशल, सक्रिय दृष्टिकोण, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता तथा नवाचारपूर्ण समाधान खोजने की विशेष योग्यता है।
डॉ. पंडा ने अपने सीएमडी कार्यकाल के दौरान सेल को देश की अग्रणी इस्पात उत्पादक कंपनियों में और अधिक सशक्त स्थान दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनका ध्यान क्षमता विस्तार, अधिक उत्पादन, बेहतर प्रचालन दक्षता, कच्चे माल की सुरक्षा, कार्यस्थल सुरक्षा, लागत नियंत्रण तथा बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के माध्यम से सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन (Value Creation) सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।